(ब्यूरो)बुलंदशहर/शुभम अग्रवाल: कप्तान साहब जरा गौर फरमाए ! बुलंदशहर सिटी के मुख्य चौराहो से ही पुलिस नदारद है तो कैसे लॉकडाउन लागू होने और मास्क न पहनने वालो पर रूपये 1000 के जुर्माने वाले नियम का अनुपालन होगा ? चुनावी नामांकन के दौरान पुलिस फाॅर्स की ड्यूटी ब्लॉक व नामांकन स्थलों पर देखि गयी जिसके कारण सरकार के लॉक डाउन वाले आदेश का अनुपालन सुनिश्चित रूप से होता नहीं दिखा। चुनावी सरगर्मियों की तेजी के कारण कोरोना महामारी की गर्मी सुबह से फीकी सी नजर आयी। गत दिनों से शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रोजाना उल्लंघन करने वालों के चालान काटे जा रहे हैं, उनसे शमन शुल्क भी वसूला जा रहा है। पुलिस कर्मियों को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस की जिम्मेदारी है कि जो बिना मास्क एवं गमछे के खुलेआम घूम रहे हैं ऐसे लोगों का चालान काटा जाए। लेकिन प्रशासन की सख्ती का फायदा उठाकर शहर की सड़कों पर वाहन चालक लॉकडाउन की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। प्रशासन द्वारा सभी नियम व शर्ते लागू करने के बाद एसपीएन द्वारा जब हाल-ए लॉक डाउन जानना चाहा तो वह नजारा सड़कों पर कुछ और ही दिखा। बुलंदशहर सिटी क्षेत्र में सभी लोग बेधड़क बिना मास्क और गमछा के ही घूम रहे हैं। 9.00 से 10.30 तक विभिन्न चौराहों पर धरातल पर स्टिंग किया गया तो पाया कि कहीं पर भी शारीरिक दूरी के नियमों का जरा भी खयाल नहीं रखा गया है। खुलने वाली आवश्यक वस्तुओं की दुकानों व फेरी वालो पर शायद ही कहीं मास्क व हाथ धुलने से लेकर सैनिटाइजेशन की व्यवस्था है। बुलंदशहर सिटी के मुख्य चौराहे लल्ला बाबू चौराहा, काला आम, डिप्टी गंज, बूरा बाजार चौराहा, काली नदी रोड, धमेड़ा अड्डा, स्याना अड्डा, मामन चौकी, मोहनकुटी से पुलिस नदारद मिली और कई लोग आते जाते बिना मास्क पहने हुए दिखे , चाहे फिर वह हाल काली नदी रोड का हो या डिप्टी गंज या धमेड़ा अड्डा या स्याना अड्डा , सभी जगह बिना मास्क के लोग देखे गए जहाँ कोरोना महामारी को बढ़ावा देने में वह मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।

शहर के विभिन्न चौराहों पर खुले में बिना मास्क के घूमते लोग———संवाद सहयोगी: गौरव वर्मा

यह गंभीर व बड़ा सवाल हैं कि जहाँ एक तरफ कोरोना महामारी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में रविवार को पूर्ण लाकडाउन लगाया है और साथ ही जिला व पुलिस प्रशासन को जिम्मेदारी दी है कि लॉकडाउन के सभी नियम व शर्तों का पालन कराये और बिना मास्क वालो पर रूपये 1000 का जुर्माना लगाए वहीँ दूसरी तरफ जब शहर के मुख्य चौराहो से ही पुलिस गायब है तो बिना मास्क वाले लोगो पर कैसे जुर्माना लगे और कैसे लॉक डाउन का जनता पालन करें। गौरतलब है कि जनता द्वारा लापरवाही बरतने के कारण ही जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है और इसी को दृष्टिगत रखते हुए शासन के आदेशों के अनुपालन में प्रशासन ने सख्ती से लॉक डाउन का पालन कराने का निर्णय लिया लेकिन बुलंदशहर में सड़कों की देखी गयी बानगी सरकार के आदेश बेमानी साबित कर रही हैं। ऐसे में यह सवाल पैदा होता है कि अगर सड़क पर पुलिस ने लोगो पर लॉक डाउन का पालन कराने और मास्क पहनने के लिए सघन अभियान चला सख्ती नहीं की तो आने वाले समय में अंकुश लगाना बहुत मुश्किल होगा और यह संक्रमण ज्यादा फ़ैल जायेगा साथ ही जनपद के अधिकांश लोग इसकी चपेट में आ जाएंगे। समाचार लिखे जाने पर जब इस बारे में प्रभारी एसएसपी से फ़ोन पर संपर्क करना चाहा तो उनसे भी चुनावी समर में व्यस्तता के कारण बात नहीं हो सकी।

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One thought on “चुनावी नामांकन में पुलिस व्यस्त, लॉकडाउन आदेश पस्त”
  1. अधिकतर पुलिस चुनाव में लगी हुई हैं, ज्ञान का दायरा बढ़ाएं या सरकार / चुनाव आयोग से अपील कर पुलिस को चुनाव डयूटी से वापस कराएं ।

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