बुलंदशहर: परिजनों ने लगाया था कोतवाल पर अभद्रता का आरोप

आखिर बच्चे की मौत का जिम्मेदार कौन ?

  • औरंगाबाद कोतवाल की हैवानियत के आगे इंसानियत हुई शर्मसार !
  • बच्चे की मृत्यु के बाद परिजनों ने देर रात काटा एसएसपी आवास पर हंगामा
  • एसएसपी ने एसपी सिटी को दिए 24 घंटे में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश
  • एसपी सिटी व कोतवाल ने देर रात बच्चे का कराया पोस्टमार्टम
  • पीड़ित परिवार के अधिवक्ता ने बताया- परिजनों की शिकायत के बावजूद भी पुलिस कर रही थी लापरवाही
बृहस्पतिवार को देर रात मृत बच्चे के शव को लेकर एसएसपी आवास पर न्याय की गुहार लगाते परिजन।

बुलंदशहर (एसपीएन टीम) :- बुलंदशहर के कस्बा औरंगाबाद में कोतवाल ध्रुव भूषण दुबे द्वारा की गयी हैवानियत से इंसानियत शर्मसार होने का एक मामला संज्ञान में आया है। जिसमें परिजनों द्वारा कोतवाल पर आरोप लगाया गया था कि कोतवाल के दुर्व्यवहार के चलते एक गर्भवती महिला अपने होने वाले बच्चे की मौत जिंदगी के बीच जूझ रही है, लेकिन वह जूझना बृहस्पतिवार की देर शाम बंद हो गया। आखिर बच्चे की आँखे खुलने से पहले ही बंद हो गयीं। जिसके बाद गुस्साएं ग्रामीणों ने एसएसपी आवास पर जमकर हंगामा काटा , हंगामा देख एसएसपी ने देर रात पोस्टमार्टम करा अगले 24 घंटे में मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश  एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव को दिए है। विदित हो कि 01-02-2020 को औरंगाबाद कोतवाल ध्रुव भूषण दुबे द्वारा रात के 1.30 बजे लगभग सात महीने से गर्भवती पीड़िता शाइन पत्नी रिज़वान निवासिनी मोहल्ला अजीजाबाद, कस्बा औरंगाबाद, जिला बुलंदशहर व उसके देवर इरफान के साथ घर में जबरन घुसकर मारपीट की गई थी और देवर इरफान को किसी भी थाने व चौकी में कोई भी मुकदमा पंजीकृत न होने के बावजूद भी गिरफ्तार कर लिया गया था। परंतु किसी भी मुकदमे में पंजीकृत न होने की वजह से अगले ही दिन इरफान को रिहा कर दिया गया था। लेकिन कोतवाल व पुलिस टीम द्वारा पीड़िता को उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्यवाही न करने के उद्देश्य से डरा धमकाया जा रहा था। परिजनों के अनुसार पीड़िता दुबे व उसकी पुलिस टीम के द्वारा लगातार प्रताड़ित होने से तंग आ चुकी थी। अतः वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह के समक्ष पेश होते हुए पीड़िता द्वारा आपबीती सुनाते हुए औरंगाबाद कोतवाल ध्रुव भूषण दुबे व उसकी पुलिस टीम के विरुद्ध कार्यवाही करने के उद्देश्य से प्रार्थना पत्र दिया गया था, जिसके सापेक्ष एसएसपी द्वारा क्षेत्राधिकारी नगर राघवेंद्र मिश्रा को तत्काल जांच के आदेश दे दिए गए थे। परंतु अब पीड़िता की हालत कोतवाल द्वारा बेरहमी से पीटे जाने पर नाजुक होने पर तत्काल अस्पताल में भर्ती करा समय से पूर्व गर्भपात कराना पड़ा है। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि पीड़िता व उसके बच्चे की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। हमारे संवाददाता द्वारा जांच पड़ताल करने पर पता चला है कि समय से पूर्व बच्चे के जन्म होने,  नवजात के मुंह से लगातार खून जाने व हालत नाजुक होने की वजह से बच्चे को वेंटीलेटर पर रखा गया है। डॉक्टर से मालूमात करने पर पता चला है कि वेंटीलेटर पर रखा हुआ नवजात बच्चा खतरे से बाहर नहीं है व पीड़िता को भी आईसीयू में रखा गया है और पीड़िता की हालत भी नाजुक बनी हुई है। पीड़िता व उसका नवजात बच्चा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। शुरूआती दिनों में पुलिस विभाग के आला अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही अमल में नहीं लायी गयी थी। जहां एक तरफ केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं को चलाने व उन पर बारीकियों से गौर दिया जा रहा है तथा महिलाओं की सुरक्षा हेतु आये दिन उनकी सहूलियत के लिए खाका खींचा जा रहा है और महिला सुरक्षा के चलते नए कानूनों को बनाकर लागू किया जा रहा है। वही दूसरी तरफ योगी सरकार के ही कुछ सिपाही महिला सुरक्षा नियमों को ताक पर रखते हुए सरकार के प्रयासों की सरेआम धज्जियां उड़ाते व पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। दुबे द्वारा किया गया कृत्य अपने आप में घोर निंदनीय व आपराधिक है। पूर्व में भी पुलिस द्वारा इंसानियत को शर्मसार करने वाले ऐसे कई मामले प्रकाश में आते रहे हैं परंतु उन मामलों से सीख न लेते हुए व किसी तरह का भय मात्र न होने पर इस तरह के अपराधों को होता हुआ देखना आम बात हो चुकी है। इससे यह बात भी साबित होती दिख रही कि ऐसे आपराधिक किस्म के व्यक्तियों का विभाग में होना अपने ही विभाग की छवि को धूमिल करता है। जनता का विश्वास पुलिस पर लगातार बने रहना ऐसे पुलिस कर्मियों को जांच में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्यवाही करने से मजबूत होता है। अतः अब देखने वाली बात यह है कि पुलिस विभाग द्वारा की जा रही जांच में अपने ही सिपाही को बचाने पर जोर दिया जाता है व पुलिस विभाग की छवि को धूमिल होने से बचाया जाता है या फिर कोतवाल व उसकी टीम को दोषी पाए जाने पर तत्काल कार्यवाही कर पुलिस पर जनता के विश्वास को कायम रखने की अनूठी पहल की जाती है। 

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