नई दिल्ली: कोरोना वायरस के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों को 31 मार्च तक बंद करने का निर्णय लिया है. अब सरकार के इस फैसले पर राजकीय शिक्षक संघ (जीएसटीए) के महासचिव अजय वीर यादव ने निशाना साधते हुए कहा कि न्यूज की हेडलाइंस बनाने के लिए सरकार ने स्कूल बंद करने का आदेश दिया है पर स्कूल पूरी तरह से खुले हुए हैं. अजय वीर यादव ने कहा कि स्कूल बंद करने का आदेश पूरी तरह से भ्रमित करने वाला आदेश है. सरकार स्कूल बंद बोलकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि स्कूलों में यह परीक्षा का समय है और वह सुचारू रूप से जारी हैं. उन्होंने कहा कि स्कूल बंद करने की वजह से बच्चे गुमराह हो गए और वह पूछ रहे हैं कि परीक्षा होगी की नहीं. साथ ही अजयवीर यादव ने कहा कि सरकार ने स्कूल, कॉलेज और सिनेमाघर को बंद करने के लिए आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि सिनेमाघर और स्कूल की स्थिति एक जैसी है वहां 3 घंटे की पिक्चर और स्कूल में 3 घंटे की परीक्षा होती है, लेकिन सिनेमाघर पूरी तरीके से बंद हैं पर स्कूल पहले की तरह सामान्य रूप से चल रहे हैं. जीएसटीए के महासचिव अजयवीर यादव ने सरकार के इस फैसले को पूरी तरह से गलत बताया और कहा कि जब सरकार को मास्क बांटने की जरूरत थी तो वह स्कूल को बंद करने का आदेश दे रही है. उन्होंने कहा कि स्कूल को पूरी तरीके से बंद करना चाहिए और जब स्थिति सामान्य हो तभी परीक्षा दोबारा से आयोजित की जा सकती थी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज ही एक शिक्षक कोरोना वायरस पॉजिटिव पाई गई हैं, जिससे कि यह खतरा बच्चों और शिक्षकों में और बढ़ जाता है. ऐसे में स्कूल को पूरी तरह से बंद करना चाहिए.

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