नई दिल्ली, 30 जुलाई । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि सड़क हादसों में घायलों का फौरन इलाज नहीं करने वाले प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जाएगी। दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली की सीमा के अंदर किसी के साथ सड़क दुर्घटना होती है या कोई किसी तरह के मामले में कोई जल जाता है तो उसे जल्द से जल्द इलाज की जरूरत होती है। मगर कुछ प्राइवेट अस्पताल वाले ऐसे मामलों में दिलचस्पी नहीं लेते हैं। ऐसे कुछ ऐसे मामले पहले सामने आ चुके हैं।

केजरीवाल ने कहा कि मंगलवार को दिल्ली के सभी निजी अस्पतालों की बैठक बुलाकर चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में घायल या आग से जलने वाले लोगों का अगर कोई निजी अस्पताल इलाज नहीं करेगा तो शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली के सीएम ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों को कहा गया है कि वे अपने पैसे से ऐसे लोगों का इलाज करें, सरकार उन्हें पूरा वापस देगी। केजरीवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा में 5 नए रूट और जोड़े गए हैं। इनमें शिरडी, द्वारकाधीश, रामेश्वरम आदि शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले कुछ दिनों में मेरे सामने कुछ ऐसे मामले भी आए हैं कि कुछ प्राइवेट अस्पताल दुर्घटना के शिकार ऐसे लोगों के इलाज में आनाकानी कर रहे हैं। आज मैंने दिल्ली के सारे अस्पतालों की मीटिंग बुलाई थी। मैंने उनको कहा कि हम आपको पार्टनर मानते हैं। दिल्ली सरकार के अस्पताल लोगों की जान बचाने की कोशिश करेंगे लेकिन आपकी भी जिम्मेदारी है। आपकी लीगल जिम्मेदारी भी है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कहा है। अब आप लोग कोई बहाना नहीं बना सकते क्योंकि दिल्ली सरकार इसके लिए पैसे दे रही है। हमारे पास ऐसी एक भी शिकायत नहीं आनी चाहिए। मुझे खुशी है कि सभी अस्पतालों का बहुत पॉजिटिव रेस्पॉन्स रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे किसी को भी मना नहीं करेंगे। लेकिन उन्हें ये भी बता दिया गया है कि अगर वे मना करेंगे तो दिल्ली सरकार उस अस्पताल के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लेने में नहीं हिचकेगी। अगर ये पता चला कि ऐसे किसी भी मामले में उनका रवैया गैर- जिम्मेदाराना था और उसकी वजह से किसी की मौत हो जाती है तो दिल्ली सरकार उस अस्पताल का लाइसेंस कैंसल करने से भी नहीं हिचकेगी।“ अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मैं आज दिल्ली के नागरिकों को आश्वासन देना चाहता हूं कि भगवान न करे कि आपके साथ कभी कोई दुर्घटना हो, लेकिन अगर ऐसा कुछ हो जाता है तो दिल्ली सरकार आपके साथ है। दिल्ली के सारे अस्पताल आपके साथ हैं।“ मुख्यमंत्री ने ये भी कहा, “एक और बहुत दिलचस्प आंकड़ा है कि हमने इसके साथ एक और स्कीम निकाली थी कि जो भी व्यक्ति दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को अस्पताल ले जाएगा उसको 2,000 रुपये का पुरस्कार मिलेगा। अभी तक 2501 मामले आए लेकिन लोगों ने पुरस्कार लेने से मना कर दिया। अभी तक 100 से भी कम लोगों ने ये पुरस्कार लिया। जो भी व्यक्ति पीड़ित को अस्पताल लेकर जाता है वह 2000 रुपये के लालच में नहीं लेकर जाता है। वह उस व्यक्ति की जान बचाने के लिए अस्पताल लेकर जाता है। ये हमारे लिए और समाज के लिए बहुत अच्छी बात है कि जब ऐसे लोगों को 2000 रुपये का पुरस्कार लेने को कहा जाता है तो वह मना कर देते हैं और कहते हैं कि हमने अपना धर्म निभाया है।“

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