बुलंदशहर/अनुज अग्रवाल: बुलन्दशहर जिले के सिकंदराबाद कोतवाली पर तैनात तीन हैड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल समेत चार पुलिसकर्मियों को आपराधिक गिरोह की तरह कार्य  करने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बुलंदशहर संतोष कुमार सिंह ने निलंबित करते हुए चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। चारों आरोपी पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना व चौकी प्रभारियों को भी आड़े हाथों लेते हुए चेतावनी दी है कि किसी प्रकार की लापरवाह व भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और न ही किसी को बक्शा जाएगा। पूर्व में भी कप्तान द्वारा बुलंदशहर के अंतर्गत आने वाली रिपोर्टिंग चौकी नई मंडी के सभी पुलिसकर्मियों को भी भ्रष्टाचार के आरोपों में लिप्त होने पर डोर दर्ज थानों में भेज दिया गया था। परंतु अब भी कुछ पुलिसकर्मियों के कानों में जूं रेंगने तक को तैयार नहीं है। साथ ही कुछ लोगों की वजह से पुलिस विभाग की छवि लगातार धूमिल होती रही है। ऐसा ही एक मामला जिला बुलंदशहर के अंतर्गत आने वाले थाना सिकंदराबाद का प्रकाश में आया है। थाना सिकंद्राबाद पर तैनात है0 का0 संजीव मलिक, है0 का0 जाहिर हुसैन, है0 का0 योगराज सिंह व का0 धीरज कुमार के खिलाफ आपराधिक गतिविधियों की सूचना एसएसपी बुलंदशहर को प्राप्त हुई थी कि उक्त पुलिस कर्मियों द्वारा कुछ अन्य आपराधिक किस्म के लोगों के साथ मिलकर एक गिरोह की तरह अवैध कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है और इनका आचरण भी निरंतर आपराधिक किस्म का होता जा रहा है। सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल जांच के आदेश दिए गए थे, आरोपों में संलिप्त पाए जाने पर बिना किसी दयादृष्टि अपनाते हुए एसएसपी के आदेश पर इनके विरुद्ध धारा 323, 386, 343 व 7/13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत मु0 सं0 131/20 थाना सिकंद्राबाद पर पंजीकृत कराया गया है व साथ ही तत्काल प्रभाव से निलंबन की प्रक्रिया भी अमल में लाते हुए प्रकरण की विवेचना सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सिकंद्राबाद गोपाल कृष्ण चौधरी को सौंप दी गयी है तथा उनकी टीम में निरीक्षक योगेद्र सिंह अपराध शाखा, उ0 नि0 विजेन्द्र शर्मा थाना सिकंद्राबाद व स्वाट टीम प्रभारी एवं सर्विलांस प्रभारी जांच हेतू लगाया गया है। संवाददाता द्वारा जानकारी करने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि कुछ समय से चारों पुलिसकर्मियों के बारे में शिकायत मिल रही थी, मामला संज्ञान में आते ही बिना देरी किये तत्काल अधीनस्थ अधिकारी को जांच के आदेश दे दिए थे। साथ ही आरोपों में संलिप्त पाए जाने पर उनके खिलाफ आवश्यक कार्यवाही करने के आदेश भी दे दिए गए थे। जांच पूर्ण होने व आरोपों में लिप्त पाए जाने पर चारों आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है व उनके खिलाफ सम्बन्धित धाराओं में मुकदमा भी लिखा दिया गया है।

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