जयपुर, 04 अगस्त। भारत और पाकिस्तान की अन्तरराष्ट्रीय सीमा पर बसे राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले का नाम हथियारों के लाइसेंस के मामले को लेकर एक बार फिर चर्चा में है। अवैध लाइसेंस की वजह से सुर्खियों में आए इस जिले में अब नये लाइसेंस आवेदनों की संख्या बढ़ गयी है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बीते लगभग साढे छह साल में राज्य में कुल मिलाकर लगभग चार हजार नये हथियार लाइसेंस जारी किए गए। राज्य सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार 2013 से 2019 में अब तक जारी नये हथियारों के कुल लाइसेंस की संख्या 3978 है। इस दौरान गंगानगर जिले में 467 नये लाइसेंस जारी किए गए जो राज्य के किसी भी अन्य जिले की तुलना में कहीं अधिक है। इस दौरान गंगानगर के पड़ोसी जिले हनुमानगढ़ में 73 और बीकानेर में 86 नये लाइसेंस जारी किए गए। श्रीगंगानगर की भौगोलिक स्थिति की बात करें तो भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे गंगानगर जिले की सीमा पंजाब से लगती है। यह हरियाणा के भी पास ही है। कुछ साल पहले यह हथियारों के अवैध लाइसेंस प्रकरण को लेकर चर्चा में रहा था और यहां कई लोग गिरफ्तार हुए थे। कई आला अधिकारियों, राजनेताओं के नाम इस प्रकरण में सामने आए थे। राज्य सरकार द्वारा इसी हफ्ते विधानसभा में दी गयी जानकारी के अनुसार साल 2013 से 2019 के दौरान जिन जिलों में 100 से अधिक नये हथियार लाइसेंस जारी किए गए उनमें गंगानगर के अलावा चित्तौड़गढ़ में 379, बारां में 198, कोटा में 188, भीलवाड़ा में 129 और जोधपुर जिले में 108 नये लाइसेंस जारी किए गए। अपराधों के लिए बदनाम अलवर जिले में इस दौरान केवल 19 नये लाइसेंस जारी किए गए। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार आलोच्य अवधि में पुलिस आयुक्त जयपुर कार्यालय के अंतर्गत 580 और पुलिस आयुक्त जोधपुर कार्यालय के अंतर्गत 358 नये हथियार जारी किए गए। विधानसभा में एक सवाल के जवाब में सरकार ने यह भी बताया कि आयुध नियम 2016 के नियम 13 के अनुसार पुलिस रिपोर्ट मिलने के 60 दिन के भीतर नया लाईसेंस जारी करने/नहीं करने का निर्णय करना होता है। वहीं पुराने लाइसेंस के नवीकरण के लिए तीस दिन की अवधि तय है।

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