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यूएपीए विधेयक राज्यसभा से पास, गृह मंत्री ने बताया बिल लाने की क्यों पड़ी जरूरत

नई दिल्ली, 02 अगस्त । राज्यसभा में शुक्रवार को विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) संशोधन विधेयक (यूएपीए) 2019 तीखी बहस के बाद पारित हो गया। वोटिंग में प्रस्ताव के पक्ष में 147 वोट पड़े जबकि विरोध में 42 वोट ही मिले। गृह मंत्री अमित शाह ने विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) संशोधन विधेयक (यूएपीए) 2019 पर राज्यसभा में जवाब दिया। शाह ने राज्यसभा इस बिल को लाने के मकसद और उद्देश्य के बारे में बताया। शाह ने कहा कि इस बिल को लाने बिल का मकसद आतंकवाद से लड़ना है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता जरूरी है।

शाह ने विपक्ष की इस दलील को खारिज किया कि कानून का गलत इस्तेमाल होगा। राज्यसभा में एनआईए मामले में दर्ज किए गए आंकड़े बताते हुए कहा कि 31 जुलाई 2019 तक कुल 278 मामले रजिस्टर किये गए हैं। 204 मामलों में आरोप पत्र दायर किये गये और 54 मामलों में अब तक फैसला आया है। 54 में से 48 मामलों में सजा हुई है। सजा की दर 91 फीसदी है। शाह ने कहा कि दुनियाभर की सभी एजेंसियों में एनआईए की सजा की दर सबसे ज्यादा है। कई मामलों में सबूतों की कमी होती है। सबूत जुटाने में काफी वक्त लग जाता है।

गृह मंत्री ने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। शाह ने इमरजेंसी का जिक्र करते हुए कहा कि 19 महीने तक देश में कोई लोकतंत्र नहीं था। कानून के दुरुउपयोग की बात हमें न बताए कांग्रेस। शाह ने सवाल उठाते हुए पूछा कि समझौता केस के आरोपियों को किसने छोड़ा था? समझौता केस में फर्जी आरोपियों को पकड़ा। अमित शाह ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि कई मामलों में आतंकवाद को धर्म से जोड़ा गया। शाह ने कहा दिग्विजय सिंह का गुस्सा जायज है वह अभी-अभी चुनाव हारकर आए हैं। उन्होंने कहा कि एनआईए के 3 केसों पर सजा न होने पर दिग्विजय सिंह को आपत्ति है, इन मामलों में इसलिए सजा नहीं हुई कोई यह केस ही राजनीतिक बदले की भावना से लगाए गए थे, जिसमें निर्दोष लोगों को फंसाया गया था। यूपीपीए बिल को लेकर विपक्ष में डर का माहौल क्यों हैं? अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि अगर यासीन भटकल को पहले ही आतंकी घोषित कर दिया होता तो कई लोगों की जान बच जाती लेकिन हमने सिर्फ उसके संगठन को बैन किया था। बता दें कि कांग्रेस के सांसद पी. चिदंबरम और दिग्विजय सिंह ने व्यक्ति को आतंकी घोषित करने को लेकर सवाल खड़े किए थे। जिसके बाद गृह मंत्री ने जवाब देते हुए बताया कि यह उपयुक्त क्यों है।

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