लॉकडाउन 3.0:-जनता के हित में, जनता के लिए, जनता का बचाव

बुलंदशहर/अनुज अग्रवाल: कोरोना वायरस एक बीमारी नहीं बल्कि महामारी बन चुका है। देश से लेकर पूरी दुनिया तक इसकी चपेट में आ चुके हैं। जिसके चलते भारत में लॉकडाउन किया गया है। सबसे पहले 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की गई थी। जब स्थिति संभलती दिखाई नहीं दी, तब इसको 3 मई तक बढ़ा दिया गया और अब दो दिन पहले ग्रह मंत्रालय द्वारा इसको बढ़ाकर 17 मई तक कर दिया गया है। पूरा देश मानो जैसे थम से गया है। गति का पहिया रुक सा गया है। लॉकडाउन के चलते वायु प्रदूषण, पानी में फैल रहा प्रदूषण यहां तक कि ध्वनि प्रदूषण पर भी स्वतः ही नियंत्रण हो गया है। जहां भारत सरकार द्वारा गंगा को स्वच्छ करने के लिए नमामि गंगे जैसी योजनाओं के लिए हजारों करोड़ों का बजट पास किया गया है, वही लॉकडाउन की वजह से गंगा का पानी बेहद निर्मल और स्वच्छ हो गया है।

ग्रंथो के अनुसार हरिद्वार की पावन धरती को जिसे हरि का द्वार माना जाता है, जहां गौमुख से गंगा निकलकर हरिद्वार आती हैं और हर की पौड़ी में ”जहां से गंगा होकर पूरे देश में अलग अलग तरीके से विभाजित होती हैं” देवताओं द्वारा स्नान किया जाता है। वहां गंगा का जल स्वच्छ हो चुका है तथा तली तक भी आसानी से देखा जा सकता है। देश के विभिन्न राज्यों से लोग हरिद्वार घूमने आते हैं। सावन के महीने में देश के अलग अलग राज्यों से करोड़ों व्यक्ति कांवड़ का जल लेने हरिद्वार जाते हैं। आमतौर पर हरिद्वार पूरी तरह खचाखच भरा रहता है तथा यातायात व्यवस्था को बनाये रखना हरिद्वार के पुलिस के लिए अपने आप में चुनौती रहती है। भारी तादाद में वाहनों के आवागमन से कई मर्तबा व्यवस्था धराशायी होती भी दिखती है। परंतु पूरे देश में चल रहे लॉकडाउन ने हरिद्वार में भी सन्नाटा पसार दिया है। तीर्थ स्थल व देवभूमि की दृष्टि से हरिद्वार का भारत में महत्वपूर्ण स्थान है। केंद्र सरकार व उत्तराखंड सरकार द्वारा गंगा को स्वच्छ रखने के लिए अथक प्रयास किये जाते रहे हैं। ”बीइंग भागीरथ” नामक संस्था द्वारा पूरे उत्तराखंड में गंगा को स्वच्छ रखने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।

वही लॉकडाउन की वजह से सभी तरह का आवागमन बन्द कर दिया गया है। सरकार द्वारा किसी भी व्यक्ति को गंगा में स्नान करने की इज़ाज़त नहीं है। हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी पर भी गंगा स्नान व गंगा आरती केवल मुख्य महंत द्वारा ही की जा रही है। लॉकडाउन की वजह से उनके अलावा हर एक व्यक्ति का प्रवेश निषिद्ध कर दिया है। उत्तराखंड सरकार ने कोरोना वायरस के चलते पूरी सख्ती की हुई है। अभी तक कोरोना संक्रमण के ज्यादा मामले उत्तराखंड में नहीं पाए गए हैं।अन्य राज्यो के मुकाबले यहां कोरोना संक्रमण के कुल 59 मामले हैं। जिसमें से 39 मरीज ठीक हो चुके हैं और 1 व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है तथा 19 मरीज अभी भी सक्रिय हैं। प्रशासन द्वारा स्थिति पर पूर्णतया नियंत्रण बनाया हुआ है। यहां तक कि अन्यावश्यक किसी को बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। शासन व प्रशासन ने आदेशों का पालन करते हुए जनता पर पूरी तरह रोक लगा दी है तथा जनता का पूरा सहयोग शासन व प्रशासन के साथ देखने योग्य है। उत्तराखंड को सभी जगह से पूर्णतया सील कर दिया गया है। राज्य में आवागमन पूर्णतया बन्द है। उत्तराखंड सरकार के अनुसार देश और जनता सर्वोपरि है, उनके बचाव के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं जा रहे हैं, जिससे कि कोरोना वायरस संक्रमण पर लगाम लगाई जा सके।

अभय प्रताप सिंह (क्षेत्राधिकारी नगर, हरिद्वार) ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च की रात 12 बजे से जनता के हित में, जनता के लिए, जनता को ध्यान में रखते हुए लॉकडाउन का आह्वान किया था। पुलिस व प्रशासन द्वारा आदेशों का पूरी तरह पालन करते हुए जनता से सहयोग करने की अपील की गई। आपातकालीन सेवायों के अलावा सभी तरह की आवाजाही पर रोक लगा दी गयी है। अगर किसी तरह से उल्लघंन करते हुए देखा जाता है, तत्काल उसके विरुद्ध कार्यवाही अमल में लायी जाती है। पुलिस द्वारा व्यस्थाओं को व्यवस्थित करने के लिए समय समय पर सघन चेकिंग की जाती है, जिसके फलस्वरूप सभी घर में रुके है तथा पुलिस द्वारा लाउड स्पीकर से भी जनता से निरंतर घरों में बने रहने, वायरस से बचाव करने के तरीके बताये जाते हैं। जिससे कि जनता लापरवाही न करे तथा किसी व्यक्ति को भी कोरोना का सामना न करना पड़े। प्रशासन द्वारा सभी तरह के खाने-पीने का सामना, मेडिकल सेवाओं की भी होम डिलीवरी की व्यवस्था बनाई गई है। समाज के सम्भ्रांत लोगों द्वारा भी गरीब, असहाय व बेसहारा लोगों की मदद समय समय पर की जा रही है।

पीयूष जाटव, मानवाधिकार सुरक्षा संगठन, प्रदेश अध्यक्ष (युवा मोर्चा), उत्तराखंड ने बताया कि सभी जरूरत का सामान लोगों के घर पहुँचाने की भी व्यवस्था की गयी है, जिससे कि कोई भी व्यक्ति भुखमरी का शिकार न हो तथा सभी को आवश्यकतानुसार खाद्यान्न मिल सके। प्रशासन ने हालतों को व्यवस्थित करते हुए जनता को आश्वस्त किया हुआ है कि संयम बनाते हुए पुलिस व प्रशासन का सहयोग करने में मदद करे, जिससे कि असमंजस की स्थिति पैदा न होने पाए। जनता का सहयोग ही जनता का बचाव है और जनता को महफूज रखने के लिए ही प्रधानमंत्री द्वारा देश भर में सम्पूर्ण लॉकडाउन का निर्णय लिया गया है। कोरोना वायरस के मद्देनजर स्थानीय पुलिस चप्पे चप्पे पर तैनात की गई है तथा दिन-रात न देखते हुए पुलिस अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही है। आने जाने वाले मेडिकल वाहनों, मान्यता प्राप्त वाहन व सरकारी वाहनों के अलावा सभी अन्यावश्यक वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। अवैध रूप से घूम रहे लोगों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है व वाहनों के चालान भी काटे जा रहै हैं। उत्तराखंड सरकार के अनुसार कोरोना संक्रमण से जनता को सुरक्षित रखने के लिए सभी तरह के हथकंडे अपनाये जा रहे हैं तथा कोरोना को भगाना ही सरकार के लिए प्रार्थमिकता है।

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By admin

One thought on ““मानो तो गंगा माँ, न मानो तो बहता पानी””

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