लाहौर, महाराजा रणजीत सिंह की एक प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के बारे में पुलिस का कहना है कि एक कट्टरपंथी समूह से जुड़े और धार्मिक पूर्वाग्रह से ग्रस्त दो लोग इसके पीछे थे। यह घटना शनिवार को शाही किला में हुयी थी जिसे आम लोगों के लिए खोला गया है। सुरक्षाकर्मियों ने हमलावरों को पकड़ लिया था। पुलिस अधीक्षक सैयद गजनफर शाह ने डॉन अखबार को बताया कि हमलावरों ने धार्मिक पूर्वाग्रह के आधार पर प्रतिमा तोड़फोड़ की। उन्होंने कहा कि हमलावरों का मानना ​​था कि मुस्लिम देश में मूर्ति लगाना उनके धर्म के खिलाफ है और अगर अधिकारियों ने मूर्ति नहीं हटायी तो वे फिर ऐसा कृत्य करेंगे। जून में महाराजा की 180 वीं पुण्यतिथि पर उनकी नौ फुट की प्रतिमा का लाहौर किले में अनावरण किया गया था। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ देश के ईशनिंदा कानून के तहत मामला दर्ज किया है। संदिग्ध कट्टरपंथी मौलाना खादिम रिजवी के तहरीक-लब्बैक पाकिस्तान के हैं। लाहौर किले से जुड़े मामलों के प्रभारी प्राधिकरण ने कहा है कि जल्दी ही मूर्ति की मरम्मत की जाएगी।

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