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नई दिल्ली । बिजली मंत्री आर के सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार देश में सौर उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिये आने वाले साल में सौर उपकरणों पर आयात शुल्क बढ़ाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भंडारण (बैटरी) नीति जल्दी ही जारी की जाएगी जिसमें कर प्रोत्साहन उपलब्ध कराये जाएंगे। कर प्रोत्साहन खासकर देश में सौर उपकरण विनिर्माण के लिये होगा। मंत्री ने कहा, ‘‘फिलहाल सौर उपकरण पर रक्षोपाय शुल्क लगा हुआ है जो कुछ साल में उसका असर खत्म हो जाएगा। हम आने वाले वर्षों में सौर उपकरणों पर शुल्क बढ़ाएंगे।’’ भारत ने पिछले साल जुलाई में चीन और मलेशिया से आयातित सौर सेल पर 25 प्रतिशत तक रक्षोपाय शुल्क लगाया था। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे सिंह ने कहा कि आयात शुल्क में वृद्धि से सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिये बोली प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। जम्मू कश्मीर के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘हम पनबिजली परियोजनाओं के विकास के लिये जल क्षेत्र पर भारत की जो भी हिस्सेदारी है, उसका पूरा उपयोग करेंगे। साथ ही लद्दाख में सौर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिये कदम उठाये जाएंगे।’’ आंध्र प्रदेश के साथ हाल में शुल्क को लेकर विवाद के बारे में मंत्री ने कहा, ‘‘बिजली खरीद समझौता अपरिहार्य है। जो समझौता हो चुका है, उसे दोबारा से नहीं खोला जा सकता है।’’ उल्लेखनीय है कि हाल में आंध्र प्रदेश की बिजली वितरण कंपनी ने कुछ नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से शुल्क कम करने की मांग की है। हालांकि सोलर एनर्जी कारपोरेशन आफ इंडिया तथा एनटीपीसी ने अक्षय ऊर्जा के लिये शुल्क में कटौती से इनकार किया है।

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