बिना तैयारी के और जल्दबाजी में लिया गया लॉकडाउन का फैसला : कांग्रेस

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में केंद्र सरकार की हर प्रकार से सहयोग करने की बात कही है। लॉकडाउन के फैसले का भी विपक्षी पार्टी ने समर्थन किया है लेकिन इसके लागू करने के समय पर प्रश्न उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि इस तालाबंदी के पहले लोगों को सम्भलने का मौका नहीं दिया गया, जिसका नतीजा है कि लाखों-लाख परिवार आज सड़कों पर भीड़ के रूप में दिख रहे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सोमवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में कांग्रेस पार्टी ने जिस तरह से केंद्र सरकार के हर कदम पर उसका साथ दिया है। राजनैतिक, सामाजिक और नैतिक पहलू पर सरकार की हौसलाअफजाई की है, ऐसी मिसाल कहीं और नहीं हो सकती। हालांकि उन्होंने विपक्ष की भूमिका का निर्वाह करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सरकार की खामियों पर उसे रोकना भी विपक्ष का भी कार्य है। उन्होंने कहा कि आज देश में जो स्थिति बनी हुई है कि करोड़ों लोग सड़कों पर बेसहारा और बेसुध घूम रहे हैं। अपने गंतव्य को जाने को आतुर लेकिन बिना संसाधन के बेहाल अवस्था में हैं। इन सब के लिए केंद्र सरकार द्वारा बिना सोचे-समझे लॉकडाउन की घोषणा करने का निर्णय जिम्मेदार है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर सरकार को कोरोना महामारी को लेकर लोगों को सचेत करना था तो वो 19 मार्च को जनता कर्फ्यू की घोषणा के साथ ही सबको आगाह करते। लेकिन उन्होंने इसके चार दिन तक कोई आह्वान नहीं किया, न ही जनता को तैयार रहने के लिए कोई हिदायत दी। अचानक 24 मार्च को उन्होंने घोषित कर दिया कि देश में 21 दिनों की पूर्ण बंदी रहेगी। ऐसे में अगर लोग परेशान होते हैं और किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं होने पर अपने गांव की ओर पलायन करने लगते हैं तो इसे लोगों की नहीं बल्कि सरकार की चूक मानना गलत नहीं होगा।

सिंघवी ने कहा कि सरकार को यह निर्णय लेने से पहले लोगों के रहने की व्यवस्था के साथ उनके खाने-पीने तथा आर्थिक जरूरतों का मुख्य रूप से ध्यान देना चाहिए था। जिस ओर सरकार पूरी तरह अंधी बनी रही। हालांकि केंद्र सरकार की मदद के लिए कई बार कांग्रेस नेताओं ने पत्र लिखकर सुझाव भी दिए। उस पर राहुल गांधी ने तो बहुत पहले सचेत किया था कि यह एक बड़ी विपदा है, जिसके लिए हमें तैयारी शुरू कर देनी चाहिए लेकिन सरकार ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजतन आज सड़कों पर जाम की स्थिति है और लोग एक स्थान पर भीड़ के रूप में एकत्र हैं। जबकि सरकार लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग मेनटेन करने की सलाह दे रही है। आखिर सरकार की इस सलाह का वास्तविकसता से क्या लेना- देना, जब ऐसी पैनिक स्थिति भी आपकी वजह से ही बनी है।

कांग्रेस नेता ने कुछ राज्य सरकारों पर भी लोगों की सुरक्षा को लेकर मजबूत कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। सिंघवी ने कहा कि एक तरफ बिहार सरकार ने साफ कर दिया है कि दिल्ली से आने वाले लोगों को प्रदेश में घुसने नहीं दिया जाएगा। ऐसा ही कमोबेश हाल हरियाणा का भी है। जबकि उत्तर प्रदेश में सिर्फ 30 फीसदी लोग ही प्रवेश कर सके हैं बाकि लोग अब भी राज्य की सीमा पर अटके पड़े हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को हस्तक्षेप कर लोगों के लिए राहत भरा कदम उठाना चाहिए।

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