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नई दिल्ली । देश के कई राज्यों में जारी  बारिश और त्योहारी सीजन की वजह से पश्चिमी और दक्षिणी भारत में सब्जियों की कीमतें 20 से 30 फीसदी तक बढ़ गई है. दरअसल इस क्षेत्र में बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है और ट्रांसपोर्ट नहीं हो पा रहा है.

दिल्ली, बेलगाम और इंदौर में सब्जियों के व्यापारियों का कहना है कि अगले दो महीनें तक नई फसल आने तक सब्जी की कीमतें ऊंची रहने की संभावना है. हालांकि उत्तर भारत में सब्जी  की कीमतें उतनी नहीं (20 फीसदी तक) बढ़ी है, क्योंकि यहां सप्लाई भी ठीक-ठाक हो रही है.

थोक और खुदरा कारोबारियों का कहना है कि ईद त्योहार और बारिश की वजह से मौसमी हरी सब्जियों जैसे लौकी, गोभी, बीन्स, शिमला मिर्च और गाजर, प्याज और टमाटर की कीमतों में जोरदार तेजी आई है. यही वजह है कि पिछले एक हफ्ते से सब्जियों के दाम 20 से 30 फीसदी तक चढ़े हैं. राजधानी दिल्ली में प्याज 30 रुपये किलो और टमाटर 40 रुपये किलो के भाव पर  बिक रहे हैं.

पिछले कुछ दिनों में कर्नाटक, महाराष्ट्र और केरल के अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई है, जिससे थोक सब्जियों के दाम बढ़े हैं. वेजीटेबल ग्रोअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्रीराम गढ़वे ने बातचीत में कहा कि यहां टमाटर का थोक भाव 25 रुपये किलो और प्याज की कीमत 16 रुपये किलो तक है. उन्होंने कहा कि भारी बारिश से सब्जियों की कीमतें थोक में 20 फीसदी तक बढ़ी है, जिसकी वजह से दिल्ली में खुदरा भाव बढ़ा है. क्योंकि इसमें बिचौलिए और ट्रांस्पोर्ट का खर्च शामिल है.

गढ़वे ने बातचीत में कहा कि टमाटर, मिर्च, गोभी, फूलगोभी और बैगन की नर्सरी को फिर लगाया जा रहा है. वहीं, इस महीने के अंत तक किसान प्याज की रोपाई भी शुरू कर देंगे. वहीं, उन्होंने  कहा कि तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के उपभोक्ता प्याज और टमाटर की अधिक कीमत दे रहे हैं, जिसकी मूल वजह वहां ट्रक नहीं जा रहे हैं. नई फसल आने पर कीमत कम हो जाएगी.

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