Narendra Modi NPIC

नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जाम्बिया के राष्टूपति एडगर लूंगू ने बुधवार को दोनों देशों के संबंधों के विभिन्न पहलुओ पर व्यापक एवं उपयोगी चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि रक्षा सहित कारोबार, निवेश संबंधों को और बढ़ाने से दोनों देशों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की यात्रा पर आए जाम्बिया के राष्टूपति लूंगू के साथ विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की। दोनों देशों ने रक्षा सहयोग, खनन सहित चुनाव आयोगों के बीच सहयोग बढ़ाने को लेकर सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी किये। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मीडिया संबोधन में कहा कि ज़ाम्बिया खनिज संपदाओं से भरा हुआ देश है। अन्य खनिजों के अलावा भारत ज़ाम्बिया से बड़ी मात्रा में तांबा लेता है। उन्होंने कहा, ‘‘खनिज संसाधन पर सहमति पत्र :एमओयू: खनन के क्षेत्र में हमारे सहयोग को और बढ़ाएगा। इससे खनिज संसाधनों की खोज और उन्हें निकालने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।’’ मोदी ने कहा कि रक्षा सहयोग पर आज एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए हैं। यह एमओयू हमारे रक्षा प्रतिष्ठानों के बीच संस्थागत आदान प्रदान को बढ़ाएगा। यह हमारे वर्तमान मजबूत रक्षा सहयोग को और मज़बूत करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जाम्बिया के सशस्त्र बलों की क्षमताओं को बढ़ाने में सहायता के लिए भारतीय सैन्य एवं वायु सेना का प्रशिक्षण टीम को जाम्बिया में तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत, जाम्बिया वायु सेना बेस पर 5 अग्निशमन दमकल तैनात करेगा। मोदी ने कहा, ‘‘ हम चाहते हैं कि स्वास्थ्य सुविधा, पर्यटन, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, खनन और ऊर्जा क्षेत्र में मौज़ूद अवसरों का उपयोग करने के लिए दोनों देशों में उद्योग व व्यापार को प्रोत्साहित किया जाए।’’ उन्होंने कहा कि भारत जाम्बिया को 1000 टन चावल और 100 टन दुग्ध पाऊडर उपलब्ध करायेगा। उन्होंने कहा कि भारत जाम्बिया कारोबारी फोरम की आज हुयी बैठक इन क्षेत्रों में विशेष परियोजनाओं के द्वारा वाणिज्यिक सम्पर्क को बढ़ाने में सहायता करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ज़ाम्बिया में भारतीय मूल का बड़ा समुदाय हमारे बीच एक मज़बूत कड़ी है और ये सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण में सहयोग इन संबंधों में नए आयाम जोड़ते हैं। मोदी ने जोर दिया कि भारत और जाम्बिया के संबंध इस अफ्रीकी देश की आजादी से भी पुराने हैं। जाम्बिया, भारत का महत्वपूर्ण मित्र और विश्वसनीय सहयोगी है। विकास की साझा आकांक्षाएं दोनों देशों को जोड़ती हैं।

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