नई दिल्ली, । दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दिल्ली प्रदेश प्रभारी पीसी चाको ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी को पत्र लिख कर कहा की वह प्रदेश प्रभारी का पद छोड़ना चाहते है और केरल वापिस जाना चाहते है. गौरतलब है की पीसी चाको पिछले साढ़े चार साल से दिल्ली प्रदेश प्रभारी है. कांग्रेस हाई कमान अगर चाको का यह प्रस्ताव स्वीकार कर लेता है तो आने वाले चुनाव में उससे बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

गौरतलब है कि जब लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के हार की समीक्षा के लिए तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित की बुलाई बैठक में प्रभारी पीसी चाको के साथ तीनों कार्यकारी अध्यक्ष व दूसरे पदाधिकारी भी थे।

लोकसभा चुनाव में हार पर चर्चा के दौरान पूर्व पार्षद रोहित मनचंदा ने कहा कि पीसी चाको को नवंबर 2014 में दिल्ली प्रदेश प्रभारी बनाया गया था। उनकी अगुवाई में पार्टी न सिर्फ हालिया लोकसभा चुनाव, बल्कि 2015 का दिल्ली विधानसभा का चुनाव भी हारी है। 2017 का एमसीडी चुनाव भी कांग्रेस के लिए खराब रहा।

अगर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा चुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की बात कर रहे हैं तो पीसी चाको को भी इस्तीफा क्यों नहीं देना चाहिए। दूसरे कई सदस्यों ने भी उनकी बात का समर्थन किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी और दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष शीला दीक्षित ने भी इस्तीफे की पेशकश की है तो पीसी चाको को भी इस्तीफा देना चाहिए।

मनचंदा के मुताबिक, उस वक्त हुई बैठक में पीसी चाको ने उनसे कहा कि उनके जैसे नेताओं को दिल्ली कांग्रेस में होने का कोई अधिकार नहीं है। मनचंदा ने राहुल गांधी व सोनिया गांधी से मांग की कि प्रदेश प्रभारी बदला जाए। मनचंदा ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर भी पीसी चाको के इस्तीफे की मांग की थी।

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