बुलंदशहर(ब्यूरो): कोरोना वायरस के खतरे से बचने के लिए तमाम लोगों ने बीते माह से  खुद को आइसोलेट (पृथक) कर लिया है। संक्रमण वाले इलाकों में भी कई लोगों क्वारंटाइन में भेजे गए हैं। अब लॉकडाउन के 14 दिन पूरे होने के बाद बहुत से लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या वे क्वारंटाइन की अवधि पूरी कर चुके हैं ? क्या वे अब बाहर जाने और अपनों से मिलने के लिए सुरक्षित हैं ? क्या अब उन्हें संक्रमण नहीं होगा ? रमजान व ईद के पावन पर्व पर लोगो के परिवारजनों के साथ मौजूद न होने वाली पीड़ा को सुन बीड़ा उठाते हुए बुलंदशहर के अधिवक्ता मोहम्मद आरिफ खान व मोहम्मद सरफ़राज़ ने बृहस्पतिवार को डीएम को एक पत्र लिख कोरोना वायरस इन्फेक्शन के कारण जनपद के विभिन्न स्थानों से तब्लीगी जामत से जुड़े महिलाये पुरुष व बच्चे समेत सभी (जिनका कोरेन्टाईन का समय बहुत पहले पूर्ण हो चूका है) को छोड़ने के लिए अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि पवित्र रमजान व आगामी ईद के मद्देनजर कोरेन्टाईन में रह रहे लोगो के परिवारजन साथ में त्यौहार मनाने व उनके स्वस्थ होने को लेकर काफी चिंताजनक है व् मानसिक पीड़ा से जूझ रहे हैं। उक्त सभी को छोड़ा जाना न्यायहित में अति आवश्यक है, साथ ही अधिवक्ताओं ने उक्त सभी का विवरण प्रार्थना पत्र के साथ प्रशासन को उपलब्ध कराया है।

मोहम्मद आरिफ खान ( अधिवक्ता )

अधिवक्ता मोहम्मद आरिफ खान ने बताया है कि 31 मार्च से 7 अप्रैल तक प्रशासन ने करीब 258 तब्लीगी जमती उठाये हुए है जिनको कोरेन्टाईन समय पूर्ण होने के बाद भी नहीं छोड़ा है। अगर इन लोगो पर एफआईआर है तो सुप्रीम कोर्ट व हाइकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धारा 188 बेलेबल ऑफ्फेन्स है, लिहाजा सभी लोगो को अंडरटेकिंग व मुचलका भरते हुए छोड़ा जाए। हालाँकि हमने दो दिन पूर्व डीएम महोदय से संपर्क किया जिन्होंने एडीएम प्रशासन से मिलकर हमें समस्या बताने को कहा जिसके बाद एडीएम से मिलने पर उन्होंने शासन का हवाला देते हुए कुछ भी इस मामले में कहने से इंकार किया है।

मोहम्मद  सरफ़राज़ ( अधिवक्ता )

इसी क्रम में अधिवक्ता मोहम्मद  सरफ़राज़ का कहना है कि जिलास्तर पर अधिकारीयों के मौन रहने के कारण गुरूवार को हमने पीएम पोर्टल पर भी शिकायत की है जिससे कि न्यायहित में तब्लीगी जमातियों को छोड़ा जाए । प्रशासन यह स्पष्ट करे कि कोरेनटाईन में रह रहे लोग अगर संक्रमण से सुरक्षित हैं तो उन्हें अपने परिवारजनों के साथ पवित्र त्यौहार मनाने के लिए प्रशासन को छोड़ना चाहिए।

14 दिन का विज्ञान भी समझें- अमेरिका के नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजिकल इंफॉर्मेशन के अनुसार, कोविड-19 वायरस इंसान के शरीर में फैलने में सामान्यत: पांच दिन का समय लेता है। 97 फीसदी संक्रमित लोगों में कोरोना के लक्षण 11 से 12 दिन बाद दिखते हैं। तमाम लोगों में 14वें दिन भी लक्षण दिखे हैं। इसलिए 14 दिन क्वारंटाइन का सिर्फ इतना मतलब है कि अगर आपको संक्रमण होगा तो लक्षण दिखने लगेंगे। अगर आपको नहीं दिखे तो भी सतर्क रहें।

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