नई दिल्ली, 30 जुलाई। दिल्ली की एक अदालत ने 2013 में छह वर्षीय एक बच्ची के अपहरण और उसके दुष्कर्म के मामले में 28 वर्षीय एक व्यक्ति को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने इस दौरान कहा कि यह ‘क्रूर’ समाज पीड़िता को कभी भी इस घटना को भूलाने नहीं देगा और वह कभी भी यौन उत्पीड़न की पीड़ादायक याद से मुक्त नहीं हो पाएगी। विशेष न्यायाधीश सीमा मैनी ने आरोपी को पोक्सो अधिनियम की संबंधित धारा और भारतीय दंड संहिता की अपहरण से जुड़ी धारा के तहत दोषी साबित किया। अदालत ने दोषी व्यक्ति पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक दोषी व्यक्ति बच्ची के पड़ोस में ही रहता था और 17 जनवरी, 2013 को शाम में उसके घर आया था। उसने बच्ची की मां से उनके पति के बारे में पूछा कि वह घर पर हैं या नहीं। इसके बाद बच्ची की मां को बिना सूचना दिए हुए वह कुछ खरीदने के बहाने बच्ची को बाहर लेकर चला गया। जब बच्ची बहुत देर तक वापस नहीं लौटी तो उसकी मां ने खोजना शुरू किया और उसने देखा कि बच्ची रोती हुई आ रही है। इसके बाद बच्ची ने घटना के बारे में अपनी मां को बताया।

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