SEBI

गांधीनगर । गुजरात के गिफ्ट सिटी को सिंगापुर और दुबई की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) बनाने के लिये डॉलर-रुपया डेरिवेटिव कारोबार जैसे नये उत्पादों की पेशकश समेत कर्द कदम उठाये जा रहे हैं। बाजार नियामक प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन अजय त्यागी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक्सचेंज पर विभिन्न उत्पादों के व्यापार का टर्नओवर तेजी पकड़ रहा है और यह आने वाले समय में सिर्फ बढ़ेगा। त्यागी ने यहां एक संगोष्ठी में कहा कि लंदन, न्यूयॉर्क, सिंगापुर और दुबई समेत विश्व भर में बनाये गये प्रमुख आईएफएससी ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और रोजगार के अवसर सृजित किये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत को भी वैश्विक आईएफएससी मानचित्र पर जरूर जगह बनाना चाहिये।’’ उन्होंने कहा कि भारत शेष विश्व से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं का बड़ा खरीदार है और इन सेवाओं का भारत का आयात सिर्फ बढ़ेगा ही। त्यागी ने कहा, ‘‘इन सेवाओं को देश में शुरू करने से इस तरह का आयात कम होगा और इससे देश में क्षमता तथा रोजगार का सृजन होगा।’’ उन्होंने कहा कि विदेशी निवेश को आकर्षित करने योग्य आईएफएससी तैयार करने के लिये व्यापार का समय इस तरह रखने की जरूरत हे जो विदेशी निवेशकों के अनुकूल हो। इसी कारण सेबी ने आईएफएससी के शेयर बाजारों को लागत-लाभ के आकलन के आधार पर कारोबार का समय तय करने की छूट दी है। उन्होंने कहा कि गिफ्ट आईएफएससी के दोनों एक्सचेंजों में रोजाना का टर्नओवर करीब तीन अरब डॉलर है। नये उत्पादों की पेशकश तथा पुराने उत्पादों में कारोबार बढ़ने से टर्नओवर आने वाले समय में और बढ़ेगा। त्यागी ने डॉलर-रुपया डेरिवेटिव के बारे में कहा कि ऐसे उत्पादों का सिंगापुर और दुबई में व्यापक स्तर पर व्यापार हो रहा है।

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