नई दिल्ली: जानलेवा वायरस कोरोना के बढते प्रकोप के चलते राज्यसभा में आज संसद को एहतियाती कदम के तहत स्थगित करने, सभी गेटों पर थर्मल स्क्रीनिंग की सुविधा शुरू करने तथा लोगों को संक्रमण से बचाव के प्रति बड़े पैमाने पर जागरूक करने की मांग की गयी। अन्ना द्रमुक के एस आर बालासुब्रमण्यम ने शून्यकाल के तहत यह मामला उठाते हुए कहा कि देश में कोरोना के मामले बढ रहे हैं और इससे बचाव के लिए यह जरूरी है कि एक जगह पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र न हों। उन्होंने कहा कि संसद के दोनों सदनों में बड़ी संख्या में सदस्य और स्टाफ आ रहे हैं। लोकसभा में औसतन 400 सदस्य, राज्यसभा में 200 और सेंट्रल हाल में औसतन 300 सदस्य रहते हैं जिससे संक्रमण के फैलने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि जरूरी विधायी कामकाज और बजट संबंधी औपचारिकता पूरी करने के बाद एहतियाती उपाय के तहत संसद के दोनों सदनों को स्थगित किया जाना चाहिए। हालाकि उनकी इस मांग का मात्र एक- दो सदस्यों ने ही समर्थन किया। सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सभी सदस्यों और लोगों को इस वायरस से बचाव के कदम उठाने चाहिए और संबंधित दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बारे में फैलायी जायी अफवाहों के बारे में स्पष्टीकरण देकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने कहा कि देश भर से लोग संसद आ रहे हैं और इसलिए कोरोना से बचाव के लिए संसद के हर गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए। बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा ने बैंकों के एटीएम को भी समय समय पर साफ किये जाने का मामला उठाया। उन्होंने देश में संक्रमण की जांच के लिए क्षमता बढाये जाने की मांग की। तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि कोरोना की समस्या को देखते हुए सभी को दलगत राजनीति से उपर उठकर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे बचाव के उपायों को स्थानीय और क्षेत्रीय भाषाओं में लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए। भाजपा के विकास महात्मे ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और धार्मिक स्थ्लों में भीड़ भाड़ से बचने का सुझाव दिया।

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