-भिदिउरा गांव की बेटी ने अपने सहेलियों के साथ मिलकर बनाए 500 मास्क

-गांव वाले लोगों को उपलब्ध करा रहे अपनी जेब से मास्क और साबुन

लखनऊ : कोरोना संक्रमण की लड़ाई में लोग अपने-अपने तरीके से सहयोग कर रहें हैं। लेकिन इसी बीच एक सकारात्मक ख़बर आई है। भदोही के भिदिउरा गांव की रहने वाली एक बेटी ने अपने सहेलियों के साथ मिलकर 500 मास्क गांव वालों के लिए बना डाला। इस बहादुर बेटी ने गांव वाले से मास्क की कोई सिलाई नहीं लिया है। इसके अलावा गांव के लोग खुद अपनी जेब से गांव को सैनेटाइज कर रहें हैं और लोगों को साबुन बांट रहे हैं।

भदोही की इस बेटी ने यह कर दिखाया है कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। भिदिउरा गांव की रहने वाली गुड़िया है जो पढ़ाई के साथ सिलाई का काम भी करती है। गांव के ग्रामीणों तक मास्क नहीं पहुंच पाए ऐसे में गुड़िया ने ग्रामीणों के लिए अभी तक 500 से ज्यादा मास्क अपने हाथों से बना डाले हैं। गुड़िया सिलाई के एवज में लोगों से रूपये नहीं लिए।

कोरोना से लड़ने के लिए इस गांव की बेटिया और कुछ ग्रामीणों ने मिलकर 500 मास्क बनाकर ग्रामीणों ने निशुल्क वितरित किये है। गांव को ग्रामीण खुद सैनेटाइज कर रहे हैं। ग्रामीणों के पास हाथ साफ़ करने की साबुन नहीं है उन्हें निशुल्क साबुन तक दिया जा रहा है। पूरे गांव को सेनेटाइज कराया जा रहा है सेनेटाइज का काम भी किसी सरकारी मदद से नहीं हो रहा है बल्कि ग्रामीण अपने पैसों से ऐसा कर रहे हैं।

भिदिउरा गांव निवासी और समाजिक कार्यकर्ता रत्नाकर पाठक ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें एक दूसरे की मदद के लिए तैयार किया था जिसके बाद सभी ग्रामीणों ने अपने गांव से कोरोना को भगाने की ठानी और आपस में एक दूसरे की मदद करने का प्रण लिय। रत्नाकर पाठक ने बताया कि हमें इस जंग में सरकार का सहयोग करना चाहिए। लोगों को जागरूकता और मदत के लिए आगे आना चाहिए। इस जंग को सब एक साथ मिलकर जीत सकते हैं।

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By admin

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