नई दिल्ली, मनी लॉड्रिंग के मामलों की जांच करने वाली केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय
(ईडी) ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से नेशनल हेराल्ड मामले में दूसरे दिन पूछताछ की। ईडी की
कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच श्रीमती गांधी सुबह एजेंसी के समन पर बयान देने के
लिए एजेंसी कार्यालय पहुंची। जांच अधिकारियों ने उनसे करीब ढ़ाई घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें दोपहर के भोजन
के समय घर जाने दिया था।
मध्याह्न भोजन के अवकाश के बाद वह पुन: करीब साढ़े तीन बजे ईडी के कार्यालय गयीं। इससे पहले ईडी ने
श्रीमती गांधी से 21 जुलाई को लगभग साढ़े तीन घंटे पूछ-ताछ की थी। ईडी ने भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी
द्वारा दायर की गई 2013 की याचिका पर एक निचली अदालत के आदेश के आधार पर इस मामले की जांच शुरू
की है। अदालत ने आयकर विभाग को नेशनल हेराल्ड अखबार के मामलों की जांच करने और श्रीमती गांधी और श्री
गांधी का कर निर्धारण करने की अनुमति दी थी। श्री स्वामी ने अखबार हासिल करने के लिए गांधी परिवार पर
धोखाधड़ी और धन की हेराफेरी का आरोप लगाया था। इस मामले में एजेंसी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा
सदस्य श्री गांधी से पहले ही लम्बी पूछताछ कर चुकी है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज भी अपने नेताओं से पूछताछ के खिलाफ पार्टी मुख्यालय पर विरोध-प्रदर्शन किया।
कांग्रेस के कई कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मियों के साथ खींचतान और हाथपाई करते
दिखे। पुलिस ने विरोध के बीच श्री गांधी को हिरासत में लिया। पुलिस ने श्री गांधी और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं
को किंग्सवे कैंप में हिरासत में लिया। कांग्रेस ने कहा कि सरकार के तानाशाही रवैए के खिलाफ पार्टी के पूर्व
अध्यक्ष श्री गांधी सहित कई नेता नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन जा रहे थे तो उन्हें
जाने से रोका गया और श्री गांधी सहित सभी नेताओं को हिरासत में लिया गया।
श्री गांधी ने सरकार की रवैये को तानाशाही करार देते हुए कहा, “तानाशाही देखिए, शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं कर सकते,
महंगाई और बेरोज़गारी पर चर्चा नहीं कर सकते। पुलिस और एजेंसियों का दुरुपयोग करके, हमें गिरफ़्तार करके भी,
कभी चुप नहीं करा पाओगे। ‘सत्य’ ही इस तानाशाही का अंत करेगा।” कांग्रेस ने कहा कि श्री गांधी और कांग्रेस के
अन्य नेताओं को किंग्सवे कैंप में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने पर पुलिस ने हिरासत में लिया गया। कांग्रेस के
सदस्यों ने आरोप लगाया कि पार्टी के नेताओं हिरासत में लेना भाजपा और दिल्ली पुलिस द्वारा सत्ता का पूर्ण
दुरुपयोग है।
कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार विपक्ष को डराने,
झुकाने और दबाने का पिछले आठ साल से लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन उसकी हर कोशिश विफल हो रही है
और कांग्रेस संगठन अपने नेतृत्व के साथ एकजुट होकर मोदी सरकार की हर कार्रवाई का लोकतांत्रिक तरीके से
जवाब देगा। कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हालात यह हैं
कि कांग्रेस मुख्यालय के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा है और पार्टी नेताओं को अंदर तक नहीं आने दिया जा रहा है।

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