नई दिल्ली: कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली में आप आदमी पार्टी की अरविंद केजरीवाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि सभी तरह की सभाएं जिसमें 50 से ज्यादा लोग शामिल हैं उनकी मंजूरी नहीं दी जाएगी। शादी को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदर्शन को मंजूरी नहीं मिलेगी और यह शाहीन बाग पर भी लागू होगा। दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद पिछले 93 दिनों से चल रहा शाहीन बाग प्रदर्शन खत्‍म हो जाएगा।

केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमित सात में से चार लोगों का इलाज जारी। मामले बढ़ने पर पर्याप्त बिस्तरों का बंदोबस्त है। दिल्ली में 31 मार्च तक 50 से अधिक लोगों वाले धार्मिक, सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रम, राजनीतिक बैठक नहीं होंगी। शादियों को कोरोना वायरस के संबंध में जारी पाबंदियों से बाहर रखा गया है लेकिन तारीखों को आगे बढ़ाने पर विचार करने का सुझाव दिया गया है।

उन्होंने कहा कि सभी ऑटो, टैक्सियों को मुफ्त में संक्रमण मुक्त किया जाएगा, अधिकतर स्थानों पर हैंड सैनिटाइज़र मुहैया कराए जाएंगे। दिल्ली में ऐसे किसी भी प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी जाएगी, जिनमें 50 से अधिक लोग शामिल हों। देखेंगे, कि क्या दिल्ली मेट्रो में भी थर्मल जांच संभव हो सकती है। दिल्ली के तीन होटलों लेमन ट्री, रेड फॉक्स और आईबीआईएस में लोगों को पृथक रखे जाने की व्यवस्था की गई है। आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के खिलाफ 16 दिसंबर से दिल्ली के शाहीन बाग में प्रदर्शनकारी बैठे हैं।

शाहीन बाग में कैसे हैं हालात
शाहीनबाग में जारी प्रदर्शन के बीच प्रदर्शनकारियों में कोरोना का डर दिखने लगा था और मंच से वायरस के बारे में लोगों को जागरूक किया गया और लोगों को बचाव और सावधानी बरतने की सलाह दी गई। इतना ही नहीं लोग एहतियात के तौर पर कई लोग मास्क लगाकर धरनास्थल पर पहुंचते है। कोरोना के चलते वहां लोगों की भीड़ भी कम हुई है। जहां पहले 2 से 3 हजार लोग जमा रहते थे वहीं कोरोना के खौफ के बाद यह संख्या 100 से 150 के बीच ही रह गई।

लगाई गई धारा 144
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन के पास दिल्ली पुलिस ने धारा 144 भी लगाई थी। असल में हिंदू सेना ने एक मार्च को शाहीन बाग सड़क खाली कराने का आह्वान किया था हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने शाहीन बाग में सीएए विरोधी आंदोलन के खिलाफ अपना प्रस्तावित प्रदर्शन वापस ले लिया था लेकिन पुलिस ने एहतियातन भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती है।

क्या है सड़क का हाल
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शाहीन बाग मे तीन महीने से अधिक समय से कालिंदी कुंज मार्ग पर दिन-रात विरोध प्रदर्शन चल रहा है। दक्षिणी दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाली सड़क के बंद होने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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